Google Search

Follow Us @lifeeventsfact

Motivation Story लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Motivation Story लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 1 मार्च 2026

'I LOVE YOU कहने के लिए 'I' कहना आना चाहिए: आयन रैंड

मार्च 01, 2026 0 Comments

 

 'I LOVE YOU कहने के लिए 'I' कहना आना चाहिए: आयन रैंड

                       

https://lokeshknowledge.blogspot.com/



रूसी अमेरिकी लेखिका आयन रैंड का उपन्यास है, ‘फाउंटेन हेड / fountainhead ’ और उसमें एक छात्र है- होवार्ड रोअर्क. इस उपन्यास कि कहानी कि शुरुआत ही यहां से होती है कि उसे यूनिवर्सिटी से निकाला जा रहा है. वो आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहा है और कुछ ऐसे डिजाइन हैं जो उसके शिक्षक को पसंद नहीं आते, वो बिल्कुल अलग किस्म के डिजाइन बनाता है. कॉलेज का डीन होवार्ड रोअर्क से कहता है, तुमने ये जो डिजाइन बनाये हैं, तो कौन तुम्हें अनुमति देगा ऐसी बिल्डिंग तैयार करने की? डीन कहता है कि तुम जो ये बना कर ले आये हो, ये इतना नया है कि तुम्हें कौन अनुमति देगा ऐसी बिल्डिंग बनाने की? रोअर्क कहता है कि सवाल ये नहीं है कि मुझे कौन बनाने देगा, सवाल ये है कि मुझे कौन रोकेगा.

ऊपर के पैराग्राफ की ये लाइनें रूसी-अमेरिकी उपन्यासकार, दार्शनिक, नाटककार आयन रैंड के कालजयी उपन्यास ‘द फाउंटेनहेड’ से हैं. रैंड ने 1943 में अपना यह मशहूर नॉवेल लिखकर ऑब्जेक्टिविज्म के सिद्धांत को स्थापित किया. 

आयन रैंड का जन्म 2 फरवरी 1905 को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था. छह वर्ष की उम्र में खुद ही पढ़ना सीख लेने के दो साल बाद उन्हें बच्चों की एक फ्रांसीसी मैगजीन में अपना पहला काल्पनिक हीरो मिल गया. हीरो की एक ऐसी छवि जो ताउम्र उनके दिलो-दिमाग पर चस्पां रही. नौ वर्ष की उम्र में उन्होंने कल्पना आधारित लेखन को ही अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया. रूसी संस्कृति के रहस्यवाद और समूहवाद की मुखर विरोधी आयन खुद को यूरोपियन लेखकों की तरह मानती थीं, खासतौर पर अपने सबसे पसंदीदा लेखक विक्टर ह्यूगो से सामना होने के बाद.

हाईस्कूल के अंतिम साल में जब उन्होंने अमेरिकी इतिहास पढ़ा, तो उन्होंने आजाद मुल्क की कल्पना के लिए अमेरिका को ही अपना आदर्श स्वीकार लिया. जब उनका परिवार क्रीमिया से लौटा, तो उन्होंने दर्शनशास्त्र और इतिहास की पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोग्राड में दाखिला ले लिया. 1924 में स्नातक होने के बाद उन्होंने हर बात को जानने की आजादी को खत्म होते देखा और यह भी कि धीरे-धीरे यूनिवर्सिटी पर कम्युनिस्ट ठगों का राज हो गया. निराशा के इन दिनों में उन्हें वियना के ऑपेरा और पश्चिम की फिल्में या नाटकों से ही सुकून मिलता था.

1925 के अंतिम दिनों में उन्होंने रिश्तेदारों से मिलने के लिए सोवियत संघ छोड़कर अमेरिका जाने की अनुमति मांगी. उन्होंने हालांकि सोवियत अधिकारियों को यही बताया कि उनका यह प्रवास छोटा होगा, वास्तविकता यह थी वे रूस वापस न लौटने का पक्का निश्चय कर चुकी थीं. फरवरी, 1926 में वे न्यूयॉर्क पहुंचीं. शिकागो में रिश्तेदारों के साथ छह माह गुजारने के बाद उन्होंने वीजा की अवधि बढ़वा ली और फिर स्क्रीन राइटिंग में करियर बनाने के लिए हॉलीवुड के लिए रवाना हो गईं.

हॉलीवुड में आयन रैंड को दूसरे ही दिन सेसिल बी. डीमिल ने स्टूडियो के दरवाजे पर खड़ा देख लिया. उन्होंने आयन को अपनी फिल्म ‘द किंग ऑफ किंग्स’ तक लिफ्ट दी और फिर उन्हें पहले एक एक्स्ट्रा और फिर एक स्क्रिप्ट रीडर का काम दे दिया. स्टूडियो में अगले एक सप्ताह में आयन की मुलाकात अभिनेता फ्रैंक ओ' कॉनर से हुई जिनसे उन्होंने 1929 में शादी की. उनका वैवाहिक बंधन 50 साल बाद ओ' कॉनर की मौत तक कायम रहा.

आयन ने 1932 में यूनिवर्सल स्टूडियो को अपना पहला स्क्रीनप्ले 'रेड पॉन' बेचा और 16 जनवरी की रात अपने पहले नाटक को स्टेज पर देखा. इसे पहले हॉलीवुड में तैयार किया गया और फिर ब्रॉडवे में. उनका पहला नॉवेल, ‘वी द लिविंग’, तैयार तो 1934 में ही हो गया था, लेकिन कई पब्लिशरों के इनकार के बाद इसे 1936 में अमेरिका में ‘द मैकमिलन’ कंपनी और इंग्लैंड में ‘केसेल्स एंड कंपनी’ ने प्रकाशित किया. उनकी जिंदगी पर सबसे ज्यादा प्रकाश डालने वाला यह उपन्यास निरंकुश सोवियत शासन के तहत गुजारे गए उनके दिनों पर आधारित था.

1937 में समूहवाद विरोधी लघु उपन्यास 'एंथम' लिखने के लिए छोटा सा ब्रेक लेने के बाद उन्होंने 1935 में ‘द फाउंटनहेड’ लिखना शुरू किया. वास्तुविद हॉवर्ड रोआर्क के कैरेक्टर में उन्होंने अपने लेखन में उस तरह के हीरो को प्रस्तुत किया जिसका बखान ही उनके लेखन का मूल लक्ष्य था. एक आदर्श व्यक्ति, ऐसा व्यक्ति जैसा 'वह हो सकता है और होना चाहिए.' 12 पब्लिशरों के इनकार के बाद आखिरकार बॉब्समेरिल कंपनी ने ‘द फाउंटेनहेड’ के प्रकाशन का जिम्मा स्वीकारा. 1943 में प्रकाशित होने के बाद मौखिक प्रचार ने ही दो साल के भीतर इसे बेस्ट सेलर बना दिया. साथ ही यह आयन को व्यक्तिवाद के हिमायती के तौर पर पहचान दिला दी.आयन रैंड ने 1943 में हॉलीवुड में वापसी के बाद ‘द फाउंटेनहेड’ का स्क्रीनप्ले लिखा. युद्ध के कारण लगे प्रतिबंधों के चलते यह 1948 में ही तैयार किया जा सका. हाल वालिस प्रोडक्शंस के लिए पार्ट-टाइम स्क्रीन राइटर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने 1946 में अपने मुख्य उपन्यास 'एटलस श्रग्ड' का लेखन आरंभ किया. 1951 में न्यूयॉर्क लौटकर उन्होंने अपना पूरा वक्त ही इस उपन्यास को पूरा करने में दे डाला.

1957 में प्रकाशित 'एटलस श्रग्ड' उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही और यह उनका अंतिम काल्पनिक उपन्यास भी रहा. इस उपन्यास में उन्होंने अपने सबसे अलग फलसफे (फिलॉसफी) को एक ऐसी दिमागी रहस्यमयी कहानी में बदल डाला जिसमें नीतिशास्त्र (एथिक्स), तत्व-मीमांसा (मेटाफिजिक्स), ज्ञान मीमांसा (एपिस्टेमॉलॉजी), राजनीति, अर्थशास्त्र और सेक्स सब-कुछ था. खुद को मूलतः काल्पनिक लेखन करने वाली मानने के बाद भी उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि आदर्श काल्पनिक पात्रों की रचना के लिए उन्हें ऐसे दार्शनिक सिद्धांत पहचानने होंगे, जिनसे ऐसे लोग संभव हो सकें.

इसके बाद, आयन रैंड ने अपने दर्शन, ध्येयवाद (ऑब्जेक्टिविज्म), पर लेखन और लेक्चर का काम किया, जो 'ए फिलॉसॉफी फॉर लिविंग ऑन अर्थ' में देखा जा सकता है. 1962 से 1976 के दौरान उन्होंने अपनी ही पत्रिकाओं (पीरियॉडिकल्स) का संपादन और प्रकाशन किया. उनकी ध्येयवाद पर छह किताबों की सामग्री यहीं से जुटाई गई और संस्कृति में इस्तेमाल के लिए भी इसका प्रयोग किया गया. आयन रैंड का 6 मार्च 1982 को न्यूयॉर्क शहर में उनके अपार्टमेंट में निधन हो गया.

अपनी जिंदगी के दौरान आयन रैंड ने जो किताबें प्रकाशित कीं वे आज भी प्रकाशित की जाती हैं. हर साल इनकी हजारों प्रतियां बिकती हैं. अब तक उनकी किताबों की कुल 2.5 करोड़ प्रतियां बिक चुकी हैं. उनकी मौत के बाद उनके लेखन के कुछ और खंड भी प्रकाशित किए गए हैं. इंसान को लेकर उनके दृष्टिकोण और इस धरती पर जीवित रहने के उनके फलसफे ने हजारों पाठकों की जिंदगी ही बदल डाली. साथ ही उसने अमेरिकी संस्कृति में एक नए दार्शनिक आंदोलन को भी जन्म दे दिया.

पेश हैं आयन रैंड के सुविचार कथन
1. दर्द या खतरा या दुश्मन के बारे में एक पल से ज्यादा मत सोचो, जब तक उनसे लड़ना जरुरी ना हो.

2. 'अपने आपको मूर्ख मत बनाओ, प्रिये. तुम एक चुड़ैल से भी ज्यादा डरावने हो. तुम एक संत हो. जो दर्शाता है कि क्यों संत खतरनाक और अनचाहा होता है.'

3. एक व्यक्ति जो खुद को नहीं पहचान पाता, किसी दूसरी चीज या व्यक्ति को नहीं पहचान सकता.

4. 'मैं तुम्हारे लिए मर सकती हूं लेकिन मैं तुम्हारे लिए नहीं मरूंगी और ना मैं तुम्हारे लिए जीऊंगी.'


5. स्वतंत्रताः कुछ भी ना कहने/पूछने के लिए. किसी चीज की उम्मीद ना करना, ना किसी पर निर्भर रहना.

6. ' I Love You ' कहने के लिए यह जानना जरुरी है कि 'I' कैसे कहा जाए.'

7. धरती पर सबसे छोटा अल्पसंख्यक एक व्यक्ति है और एक व्यक्ति के अधिकारों को खारिज करने वाला कभी अल्पसंख्यकों का रक्षक नहीं हो सकता.


हमारे Letest Update के लिए Press करे

यह लेख आपको कैसा लगा हमें comment में हमें जरुर बताएँ. हमें आपके सुझावों का  इंतजार रहेगा.

यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें | सुझाव दे/ give suggestion

आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक | सुझाव दे / give suggestion

visit another website-

               RoseRing                  ➨    https://roseringbird.blogspot.com/
              LifeEvents                              https://lifeeventsfact.blogspot.com/
            LokeshKnowledge              https://lokeshknowledge.blogspot.com/
                    Artflix                                  https://art-flix.blogspot.com/

follow social sites-  
 
YouTube 
         Artflix                  LifeEvents         Technical guide         

  FaceBook        
          RoseRing                                   https://www.facebook.com/roseringbird/
           LifeEvents                                      https://www.facebook.com/lifeeventsfact/
          ApnaBusiness                               https://www.facebook.com/ApnaBusinesssuru/ 
         ArtFlix                                 https://www.facebook.com/artphlix

Instagram
  
    RoseRing                                       https://www.instagram.com/roseringbird/
    LifeEvents                                            https://www.instagram.com/lifeeventsfact/
   ApnaBusiness                                    https://www.instagram.com/apnabusiness_suru/



रविवार, 8 नवंबर 2020

देखिए एक businessman की चालाकी - motivation story

नवंबर 08, 2020 0 Comments

 

 देखिए एक businessman की चालाकी  - motivation story


https://lifeeventsfact.blogspot.com/



 एक businessman

दिल्ली की बैंक में

गया ।


और बैंक मेनेजर से.50,000 रुपये का लोन मांगा. 


बैंक मैनेजर ने गारंटर मांगा.

businessman ने अपनी BMW (बी एम् डब्ल्यू) कार 🚔जो बैँक के सामने

पार्क की हुई

थी उसको गारंटी के तौर पर

 जमा करवा दी.


मैनेजर ने गाड़ी के कागज चैक किए,


और लोन देकर गाड़ी को कस्टडी में

खड़ी करने के लिए

कर्मचारी को सूचना दी.

50,000 रुपये लेकर चला गया.


बैंक मैनेजर और कर्मचारी businessman पर हँसने

लगे और बात करने लगे कि यह करोड़पति होते हुए

भी अपनी गाड़ी सिर्फ

50,000 रुपये में गिरवी रख कर चला गया.


कितना बेवकूफ आदमी है.😗😗


 2 महीने बाद businessman बैंक में

गया।

और लोन की सभी रकम देकर

अपनी गाड़ी वापस लेने

की इच्छा दर्शायी.


बैंक मेनेजर ने हिसाब-किताब किया और बोला : 50,000  मूल रकम के साथ, 1250 रुपये ब्याज.


businessman ने पूरे पैसे दे दिए.

बैंक मैनेजर से रहा नहीं गया और उसने पूछा :

कि आप इतने करोड़पति होते हुए भी आपको 50,000

रुपयों कि जरुरत कैसे पड़ी businessman ने  जवाब दिया : मैं यू पी से आया था

 और अमेरिका जा रहा था.

दिल्ली से मेरी फ्लाइट थी.


दिल्ली में

मेरी गाड़ी कहां पार्क

करनी है, यह मेरी सबसे

बड़ी प्रॉब्लम थी.


लेकिन इस प्रॉब्लम को आपने हल कर दिया.


मेरी गाड़ी 🚔भी सेफ

कस्टडी में दो महीने तक संभाल के

रखा और 50,000 रुपये

खर्च करने के लिए भी दिए , दोनों काम करने

का चार्ज लगा सिर्फ 1250 रुपये.


आपका बहुत बहुत धन्यवाद.!

इसीलिए कहते हैं  businessman is the great

आदतें बुरी नहीं हमारी

बस थोड़े शौक ऊंचे हैं | 


वर्ना किसी ख्वाब

की इतनी औकात नहीं

कि हम देखें और वो पूरा ना हो...


हम बादशाहों के बादशाह हैं, इस लिए

गुलामों जैसी हरकतें नहीं,


नोटों पर फोटो हमारा भी हो सकता है

पर

लोगोंकी जेब में

रहना हमारी फितरत नहीं।


 शेयर करें! 

अगर आप भी एक businessman हों तो....

👌👌👌👌👌

 business  is the best🤝🏻💪🏻👍🏻।                .                       

 

     मोटिवेशनल स्पीकर lokesh ashiwal *                    


हमारे Letest Update के लिए Press करे

यह लेख आपको कैसा लगा हमें comment में हमें जरुर बताएँ. हमें आपके सुझावों का  इंतजार रहेगा.

यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें | सुझाव दे/ give suggestion

आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक | सुझाव दे / give suggestion

visit another website-

               RoseRing                  ➨    https://roseringbird.blogspot.com/
              LifeEvents                              https://lifeeventsfact.blogspot.com/
            LokeshKnowledge              https://lokeshknowledge.blogspot.com/
                    Artflix                                  https://art-flix.blogspot.com/

follow social sites-  
 
YouTube 
         Artflix                  LifeEvents         Technical guide         

  FaceBook        
          RoseRing                                   https://www.facebook.com/roseringbird/
           LifeEvents                                      https://www.facebook.com/lifeeventsfact/
          ApnaBusiness                               https://www.facebook.com/ApnaBusinesssuru/ 
         ArtFlix                                 https://www.facebook.com/artphlix

Instagram
  
    RoseRing                                       https://www.instagram.com/roseringbird/
    LifeEvents                                            https://www.instagram.com/lifeeventsfact/
   ApnaBusiness                                    https://www.instagram.com/apnabusiness_suru/



रविवार, 7 जून 2020

Steve Jobs Speech in Hindi

जून 07, 2020 0 Comments

Steve Jobs Speech in Hindi

पढ़िए iPod और iPhone बनाने वाली कंपनी Apple के founder Steve Jobs के जीवन की तीन कहानियां जो  बदल सकती हैं आपकी भी ज़िन्दगी. इस स्पीच में आपको उनकी पूरी life history या biography की झलक भी मिल जायेगी.
जब कभी दुनिया के सबसे प्रभावशाली entrepreneurs का नाम लिया जाता है तो उसमे कोई और नाम हो न हो,एक नाम ज़रूर आता है. और वो नाम है STEVE JOBS (स्टीव जॉब्स ) का. APPLE Company के co-founder इस अमेरिकी को दुनिया सिर्फ एक successful entrepreneur, inventor और businessman के रूप में ही नहीं जानती है बल्कि उन्हें world के अग्रणी motivators और speakers  में भी गिना जाता है
और आज आपके साथ बेहतरीन Hindi articles share करने की अपनी commitment को पूरा करते हुए हम life events Steve Jobs की perhaps the best speech “Stay Hungry Stay Foolish” Hindi में share कर रहे हैं. यह speech उन्होंने Stanford University के convocation ceremony (दीक्षांत समारोह) में 12 June 2005 को दी थी.

STEVE JOBS CONVOCATION SPEECH AT STANFORD
“Stay Hungry Stay Foolish

Thank You ! आज world की सबसे बहेतरीन Universities में से एक के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ. मैं आपको एक सच बता दूं; मैं कभी किसी college से pass नहीं हुआ; और आज पहली बार मैं किसी college graduation ceremony के इतना करीब पहुंचा हूँ. आज मैं आपको अपने जीवन की तीन कहानियां सुनाना चाहूँगा… ज्यादा कुछ नहीं बस तीन कहानियां.
मेरी पहली कहानी dots connect करने के बारे में है. Reed College में दाखिला लेने के 6 महीने के अंदर ही मैंने पढाई छोड़ दी, पर मैं उसके 18 महीने बाद तक वहाँ किसी तरह आता-जाता रहा. तो सवाल उठता है कि मैंने college क्यों छोड़ा ? Actually, इसकी शुरुआत मेरे जन्म से पहले की है.
 मेरी biological mother*  एक young, अविवाहित  graduate student थी, और वह मुझे किसी और को adoption के लिए देना चाहती थी. पर उनकी एक ख्वाईश थी कि कोई college graduate ही मुझे adopt करे. सबकुछ बिलकुल set था और मैं एक वकील और उसकी wife के द्वारा adopt किया जाने वाला था कि अचानक उस couple ने अपना विचार बदल दिया और decide किया कि उन्हें एक लड़की चाहिए. इसलिए तब आधी-रात को मेरे parents, जो तब waiting list में थे, को call  करके बोला गया कि, “हमारे पास एक baby-boy है, क्या आप उसे गोद लेना चाहेंगे?” और उन्होंने झट से हाँ कर दी.
बाद में मेरी biological mother  को पता चला कि मेरी माँ college pass नहीं हैं और पिता तो High School पास भी नहीं हैं. इसलिए उन्होंने Adoption Papers sign करने से मना कर दिया; पर कुछ महीनो बाद मेरे होने वाले parents के मुझे college भेजने के आश्वासन के बाद वो मान गयीं. तो मेरी जिंदगी कि शुरुआत कुछ इस तरह हुई और सत्रह साल बाद मैं college गया….पर गलती से मैंने Stanford जितना ही महंगा college चुन लिया. मेरे working-class parents की सारी जमा-पूँजी मेरी पढाई में जाने लगी.
6 महीने बाद मुझे इस पढाई में कोई value नहीं दिखी. मुझे कुछ idea नहीं था कि मैं अपनी जिंदगी में क्या करना चाहता हूँ, और college मुझे किस तरह से इसमें help करेगा..और ऊपर से मैं अपनी parents की जीवन भर कि कमाई खर्च करता जा रहा था. इसलिए मैंने कॉलेज drop-out करने का निर्णय लिए…और सोचा जो होगा अच्छा होगा. उस समय तो यह सब-कुछ मेरे लिए काफी डरावना था पर जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो मुझे लगता है ये मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा decision था.
जैसे ही मैंने college छोड़ा मेरे ऊपर से ज़रूरी classes करने की बाध्यता खत्म हो गयी . और मैं चुप-चाप सिर्फ अपने interest की classes करने लगा. ये सब कुछ इतना आसान नहीं था. मेरे पास रहने के लिए कोई room नहीं था, इसलिए मुझे दोस्तों के room में फर्श पे सोना पड़ता था. मैं coke की bottle को लौटाने से मिलने वाले पैसों से खाना खता था….मैं हर Sunday  7 मील पैदल चल कर Hare Krishna Temple  जाता था, ताकि कम से कम हफ्ते में एक दिन पेट भर कर खाना खा सकूं. यह मुझे काफी अच्छा लगता था.
मैंने अपनी life में जो भी अपनी curiosity और intuition की वजह से किया वह बाद में मेरे लिए priceless साबित हुआ. Let me give an example. उस समय Reed College शायद दुनिया की सबसे अच्छी जगह थी जहाँ Calligraphy* सिखाई जाती थी. पूरे campus में हर एक poster, हर एक label बड़ी खूबसूरती से हांथों से calligraph  किया होता था.
चूँकि मैं college से drop-out कर चुका था इसलिए मुझे normal classes करने की कोई ज़रूरत नहीं थी. मैंने तय किया की मैं calligraphy की classes करूँगा और इसे अच्छी तरह से सीखूंगा. मैंने serif और sans-serif type-faces के बारे में सीखा; अलग-अलग letter-combination के बीच में space vary करना और किसी अच्छी  typography को क्या चीज अच्छा बनाती है, यह भी सीखा. यह खूबसूरत था, इतना artistic था कि इसे science द्वारा capture  नहीं किया जा सकता था, और ये मुझे बेहद अच्छा लगता था.
उस समय ज़रा सी भी उम्मीद नहीं थी कि मैं इन चीजों का use कभी अपनी life में करूँगा. लेकिन जब दस साल बाद हम पहला Macintosh Computer बना रहे थे तब मैंने इसे Mac में design कर दिया. और Mac  खूबसूरत typography युक्त दुनिया का पहला computer बन गया. अगर मैंने college से drop-out नहीं किया होता तो Mac मैं कभी multiple-typefaces या proportionally spaced fonts नहीं होते, और चूँकि Windows ने Mac की copy की थी तो शायद किसी भी personal computer में ये चीजें नहीं होतीं. अगर मैंने कभी drop-out ही नहीं किया होता तो मैं कभी calligraphy की वो classes नहीं कर पाता और फिर शायद personal computers में जो fonts होते हैं, वो होते ही नहीं.
Of course, जब मैं college में था तब भविष्य में देख कर इन dots को connect करना  impossible था; लेकिन दस साल बाद जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो सब कुछ बिलकुल साफ़ नज़र आता है. आप कभी भी future में झांक कर dots connect नहीं कर सकते हैं. आप सिर्फ past देखकर ही dots connect कर सकते हैं; इसलिए आपको यकीन करना होगा की अभी जो हो रहा है वह आगे चल कर किसी न किसी तरह आपके future से connect हो जायेगा. आपको किसी न किसी चीज में विश्ववास करना ही होगा —अपने guts में, अपनी destiny में, अपनी जिंदगी या फिर अपने कर्म में…किसी न किसी चीज मैं विश्वास करना ही होगा…क्योंकि इस बात में believe करना की आगे चल कर dots connect होंगे आपको अपने दिल की आवाज़ सुनने की हिम्मत देगा…तब भी जब आप बिलकुल अलग रास्ते पर चल रहे होंगे…and that will make the difference.
मेरी दूसरी कहानी, love और loss  के बारे में है. मैं जिस चीज को चाहता था वह मुझे जल्दी ही मिल गयी. Woz और मैंने अपने parents के गराज से Apple शरू की तब मैं 20 साल का था. हमने बहुत मेहनत की और 10 साल में Apple दो लोगों से बढ़ कर $2 Billion  और 4000 लोगों की company हो गयी. हमने अभी एक साल पहले ही अपनी finest creation Macintosh release की, मैं तीस का हो गया था और मुझे company से fire कर दिया गया.
आप अपनी बनायीं हुई company से fire कैसे हो सकते हैं? Well, जैसे-जैसे company grow की, हमने एक ऐसे talented आदमी को hire किया, जिसे मैंने सोचा कि वो मेरे साथ मिलकर company run करेगा, पहले एक साल सब-कुछ ठीक-ठाक चला…. लेकिन फिर company के future vision को लेकर हम दोनों में मतभेद होने लगे. बात Board Of Directors तक पहुँच गयी, और उन लोगों ने उसका साथ दिया, so at thirty, मुझे निकाल दिया गया…publicly निकाल दिया गया. जो मेरी पूरी adult life का focus था वह अब खत्म हो चुका था, और ये बिलकुल ही तबाह करने वाला था. मुझे सचमुच अगले कुछ महीनो तक समझ ही नहीं आया कि मैं क्या करूं.
मुझे महसूस हुआ कि ये सबकुछ इतनी आसानी से accept करके मैंने अपने पहले कि generation के entrepreneurs को नीचा दिखाया है. मैं David Packard* और Bob Noyce* से मिला और उनसे सबकुछ ऐसे हो जाने पर माफ़ी मांगी. मैं एक बहुत बड़ा public failure था, एक बार तो मैंने valley* छोड़ कर जाने की भी सोची. पर धीरे-धीरे मुझे अहसास हुआ कि मैं जो काम करता हूं, उसके लिए मैं अभी भी passionate हूँ. Apple में जो कुछ हुआ उसकी वजह से मेरे passion में ज़रा भी कमी नहीं आई है….मुझे reject कर दिया गया है, पर मैं अभी भी अपने काम से प्यार करता हूँ. इसलिए मैंने एक बार फिर से शुरुआत करने की सोची. मैंने तब नहीं सोचा पर अब मुझे लगता है कि Apple से fire किये जाने से अच्छी चीज मेरे साथ हो ही नहीं सकती थी. Successful होने का बोझ अब beginner होने के हल्केपन में बदल चुका था, मैं एक बार फिर खुद को बहुत free महसूस कर रहा था…इस फ्रीडम की वज़ह से मैं अपनी life  की सबसे creative period में जा पाया.
अगले पांच सालों में मैंने एक company NeXT और एक दूसरी कंपनी Pixar start की और इसी दौरान मेरी मुलाक़ात एक बहुत ही amazing lady से हुई, जो आगे चलकर मेरी wife बनीं. Pixar ने दुनिया की पहली computer animated movie, “ Toy Story”  बनायीं, और इस वक्त यह दुनिया का सबसे सफल animation studio है. Apple ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए NeXT को खरीद लिया और मैं Apple में वापस चला गया. आज Apple, NeXT  द्वारा develop की गयी technology use करती है….अब Lorene और मेरा एक सुन्दर सा परिवार है. मैं बिलकुल surety के साथ कह सकता हूँ कि अगर मुझे Apple से नहीं निकाला गया होता तो मेरे साथ ये सब-कुछ नहीं होता. ये एक कड़वी दवा थी …पर शायद मरीज को इसकी ज़रूरत थी. कभी-कभी जिंदगी आपको इसी तरह ठोकर मारती है. अपना विश्वास मत खोइए. मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ कि मैं सिर्फ इसलिए आगे बढ़ता गया क्योंकि मैं अपने काम से प्यार करता था…I loved my work.
आप really क्या करना पसंद करते हैं यह आपको जानना होगा, जितना अपने love को find करना ज़रूरी है, उतना ही उस काम को ढूँढना ज़रूरी जिसे आप सच-मुच enjoy करते हों आपका काम आपकी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा होगा, और truly-satisfied होने का एक ही तरीका है कि आप वो करें जिसे आप सच-मुच एक बड़ा काम समझते हों...और बड़ा काम करने का एक ही तरीका है कि आप वो करें जो करना आप enjoy करते हों. यदि आपको अभी तक वो काम नहीं मिला है तो आप रूकिये मत; उसे खोजते रहिये. जैसा कि दिल से जुडी हर चीज में होता है, वो जब आपको मिलेगा तब आपको पता चल जायेगा…और जैसा की किसी अच्छी relationship में होता है वो समय के साथ-साथ और अच्छा होता जायेगा ….इसलिए खोजते रहिये…रूकिये मत.
मेरी तीसरी कहानी death के बारे में है. जब मैं 17  साल का था तो मैंने एक quote पढ़ा, जो कुछ इस तरह था, “ यदि आप हर रोज ऐसे जियें जैसे कि ये आपकी जिंदगी का आखीरी दिन है, तो आप किसी न किसी दिन सही साबित हो जायेंगे.” इसने मेरे दिमाग पे एक impression बना दी, और तबसे…पिछले 33  सालों से, मैंने  हर सुबह उठ कर शीशे में देखा है और खुद से एक सवाल किया है, –
अगर ये  मेरी जिंदगी का आखिरी दिन होता तो क्या मैं आज वो करता जो मैं करने वाला हूँ?
और जब भी लगातार कई दिनों तक जवाब “नहीं” होता है, मैं समझ जाता हूँ कि कुछ बदलने की ज़रूरत है. इस बात को याद रखना कि मैं बहत जल्द मर जाऊँगा मुझे अपनी life के बड़े decisions लेने में सबसे ज्यादा मददगार होता है, क्योंकि जब एक बार death  के बारे में सोचता हूँ तब सारी expectations, सारा pride, fail होने का डर सब कुछ गायब हो जाता है और सिर्फ वही बचता है जो वाकई ज़रूरी है. इस बात को याद करना कि एक दिन मरना है…किसी चीज को खोने के डर को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है. आप पहले से ही नंगे हैं. ऐसा कोई reason नहीं है कि आप अपने दिल की ना सुनें.
करीब एक साल पहले पता चला कि मुझे cancer है . सुबह 7:30 बजे मेरा scan हुआ, जिसमे साफ़-साफ़ दिख रहा था कि मेरे pancreas में tumor है. मुझे तो पता भी नहीं था की pancreas क्या होता है. Doctor ने लगभग यकीन के साथ बताया कि मुझे एक ऐसा cancer है जिसका इलाज़ संभव नहीं है, और अब मैं बस 3 से 6 महीने का मेहमान हूँ. Doctor ने सलाह दी कि मैं घर जाऊं और अपनी सारी चीजें व्यवस्थित कर लूं, जिसका indirect मतलब होता है कि, “आप मरने की तैयारी कर लीजिए.” इसका मतलब कि आप कोशिश करिये कि आप अपने बच्चों से जो बातें अगले दस साल में करते, वो अगले कुछ ही महीनों में कर लीजिए. इसका ये मतलब होता है कि आप सब-कुछ सुव्यवस्थित कर लीजिए की आपके बाद आपकी family को कम से कम परेशानी हो. इसका ये मतलब होता है कि आप सबको गुड-बाय कर दीजिए.
मैंने इस diagnosis के साथ पूरा दिन बिता दिया फिर शाम को मेरी biopsy हुई जहाँ मेरे मेरे गले के रास्ते, पेट से होते हुए मेरी intestine में एक endoscope डाला गया और एक सुई से tumor से कुछ cells निकाले गए. मैं तो बेहोश था, पर मेरी wife, जो वहाँ मौजूद थी उसने बताया कि जब doctor ने microscope से मेरे cells देखे तो वह रो पड़ा…दरअसल cells देखकर doctor समझ गया कि मुझे एक बहुत ही दुर्लभ प्रकार का  pancreatic cancer है जो surgery से ठीक हो सकता है. मेरी surgery हुई और सौभाग्य से अब मैं ठीक हूँ.
मौत के इतना करीब मैं इससे पहले कभी नहीं पहुंचा, और उम्मीद करता हूँ कि अगले कुछ दशकों तक पहुँचूं भी नहीं. ये सब देखने के बाद मैं ओर भी विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि death एक useful but intellectual concept है. कोई मरना नहीं चाहता है, यहाँ तक कि जो लोग स्वर्ग जाना चाहते हैं वो भी…फिर भी मौत वो मंजिल है जिसे हम सब share  करते हैं. आज तक इससे कोई बचा नहीं है. और ऐसा ही होना चाहिए क्योंकि शायद मौत ही इस जिंदगी का सबसे बड़ा आविष्कार हैये जिंदगी को बदलती है, पुराने को हटा कर नए का रास्ता खोलती है. और इस समय नए आप हैं. पर ज्यादा नहीं; कुछ ही दिनों में आप भी पुराने हो जायेंगे और रस्ते से साफ़ हो जायेंगे.
इतना dramatic होने के लिए माफ़ी चाहता हूँ पर ये सच है. आपका समय सीमित है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जी कर व्यर्थ मत कीजिये. बेकार की सोच में मत फंसिए, अपनी जिंदगी को दूसरों के हिसाब से मत चलाइए. औरों के विचारों के शोर में अपनी अंदर की आवाज़ को, अपने intuition को डूबने मत दीजिए. वे पहले से ही जानते हैं कि तुम सच में क्या बनना चाहते हो. बाकि सब गौण है.
जब मैं छोटा था तब एक अद्भुत publication, “The Whole Earth Catalogue” हुआ करता था, जो मेरी generations की bibles में से एक था. इसे Stuart Brand नाम के एक व्यक्ति, जो यहाँ  MelonPark से ज्यादा दूर नहीं रहता था, ने इसे अपना poetic touch दे के बड़ा ही जीवंत बना दिया था. ये साठ के दशक की बात है, जब computer और desktop publishing नहीं हुआ करती थीं. पूरा catalogue ..typewriters, scissors और  Polaroid cameras की मदद से बनाया जाता था. वो कुछ-कुछ ऐसा था मानो Google को एक book के form में कर दिया गया हो….वो भी गूगल के आने के 35 साल पहले. वह एक आदर्श था, अच्छे tools और महान विचारों से भरा हुआ था.
Stuart और उनकी team ने “The Whole Earth Catalogue”के कई issues निकाले और अंत में एक final issue निकाला. ये सत्तर के दशक का मध्य था और तब मैं आपके जितना था. Final issue के back cover पे प्रातः काल का किसी गाँव की सड़क का द्दृश्य था…वो कुछ ऐसी सड़क थी जिसपे यदि आप adventurous हों तो किसी से lift माँगना चाहेंगे. और उस picture के नीचे लिखा था, Stay Hungry, Stay Foolish”. ये उनका farewell message था जब उन्होंने sign-off  किया, Stay Hungry, Stay Foolish” और मैंने अपने लिए हमेशा यही wish किया है, और अब जब आप लोग यहाँ से graduate हो रहे हैं तो मैं आपके लिए भी यही wish करता हूँ, stay hungry, stay foolish. Thank you all very much.

Note: हिंदी में अनुवाद करने में  सावधानी बरतने के बावजूद कुछ त्रुटियाँ हो सकती हैं. कृपया क्षमा करें. 
हमारे Letest Update के लिए Press करे

यह लेख आपको कैसा लगा हमें comment में हमें जरुर बताएँ. हमें आपके सुझावों का  इंतजार रहेगा.

यदि आपको इस पेज में सुधार की जरूरत महसूस हो रही है, तो कृपया अपने विचारों को हमें शेयर जरूर करें | सुझाव दे/ give suggestion

आप अपना हर तरह का फीडबैक हमें जरूर शेयर करें, तब चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक | सुझाव दे / give suggestion

visit another website-

               RoseRing                  ➨    https://roseringbird.blogspot.com/
              LifeEvents                              https://lifeeventsfact.blogspot.com/
            LokeshKnowledge              https://lokeshknowledge.blogspot.com/
                    Artflix                                  https://art-flix.blogspot.com/

follow social sites-  
 
YouTube 
         Artflix                  LifeEvents         Technical guide         

  FaceBook        
          RoseRing                                   https://www.facebook.com/roseringbird/
           LifeEvents                                      https://www.facebook.com/lifeeventsfact/
          ApnaBusiness                               https://www.facebook.com/ApnaBusinesssuru/ 
         ArtFlix                         

Instagram
  
    RoseRing                                       https://www.instagram.com/roseringbird/
    LifeEvents                                            https://www.instagram.com/lifeeventsfact/
   ApnaBusiness                                    https://www.instagram.com/apnabusiness_suru/